Surrender

Jai ShreeNathji Prabhu 🙏

Jai Shree RadheKrishn 🙏

श्री कृष्ण चरणों में समर्पित यह जीवन यात्रा,

श्रीनाथजी ठाकुरजी की कृपा पात्र;

यहीं है आख़िरी मंज़िल इस जीव आत्म की; कहीं और भटकने की ज़रूरत अब नहीं

जय श्री राधे कृष्ण 🙏

जहाँ श्री राधा कृष्ण लीला में डूब जाने को मन, शरीर, आत्मा और दिल करे, वो व्रज धाम, श्रीनाथजी ठाकुरजी की प्रिय लीला भूमि;

The 84 Kos of Divine Land which Appeared on Earth from Golok, at the request of Shree Radha, is where this soul will find the final rest;

the merging with the Presence of Thakurjee ShreeNathji; who permanantly resides on sacred Shri Govardhan, with Shree RadhaKrishn and all His Sevaks and Gwal Bals

Jai ShreeNathji Prabhu 🙏

Jai Shree RadheKrishn 🙏

श्रीनाथजी के साक्षात्कार जून २००५ में, उनके मुखारविंद, श्री गोवर्धन

वह भव्य, दिव्य व्रज भूमि, जो साक्षात गोलोक है, नेत्र और आत्म में शुद्धता होने से आलोकिकता महसूस होने लगे, तो समझिए श्रीजी की कृपा बरस रही है 🙏

श्री राधा, श्री कृष्ण-दिव्य प्रेम के पूर्ण प्रतीक इस पृथ्वी पर हमें एहसास दिलाते हैं, जागो और मुझ में समा जाओ, श्रीनाथजी ठाकुरजी जिनके संविलीन स्वरूप आज हमारे बीच हैं 🙏

Shri Vallabh Acharya 22nd Baithakji at Maan Sarovar- Vraj

 

Shri Vallabh Acharya 22nd Baithakji at Maan Sarovar, Mathura

 

Here are some pictures displayed from my visit to the 22nd Baithak of Mahaprabhuji, located at Maan Sarovar,opposite Yamunaji, Maant, Mathura, Vraj Mandal.

Baithakji Charitr: (बैठकजी चरित्र)

Shri Mahaprabhu Vallabhachayra stayed for three days at Maan Sarovar discussing the Shrimad Bhagavat.

Once, Damala awoke in the middle of the night and noticed that his guru was missing.

A few hours later, Shree Krishn appeared before Damala who exclaimed, “Today I am certainly blessed to have your supreme vision. “

Shree Krishn than told Damala, “Today, Shrew Radha has become very displeased with me.”

Later, Shree Radha came to meet Thakurjee and Their reuinon was re established.

Damala and Shri Mahaprabhuji had the sight of this divine pastime. All of this transpired while the other Vaishnavas were deep in sleep.

 

Shri Maha Prabhuji 22 Baithakji at Maan Sarovar

Shri Maha Prabhuji 22 Baithakji at Maan Sarovar

Shri Maha Prabhuji 22 Baithakji at Maan Sarovar

Shri Maha Prabhuji 22 Baithakji at Maan Sarovar

Shri Maha Prabhuji 22 Baithakji at Maan Sarovar

Jai ShreeNathji Prabhu 🙏

Jai Shree RadheKrishn 🙏

What are Pushtimarg Baithaks?

Baithaks in Pushtimarg religion are pavitr places where Shri Vallabhachary, the founder of Pushtimarg, narrated the Pavitr Bhagvad Katha. They are total 84 in number and spread all over the country.

Mahaprabhuji had circled the whole of India three times and done sthapna of these various Baithaks.

Each Baithak has its own particular Charitr (description).

Baithaks are holy places where there is no Idol or Chitr (Picture); seva is done of Gaddi (Seating).

Save Vrindavan

SAVE VRINDAVAN FROM THE GREED OF HUMANS:

Special strong laws is need of the hour. Already this sacred city has reached the point of no return. Few years more down the line and we will have a concrete jungle and heaps of waste littering all the divine vans. Yamunaji has already shrunk to the point of not being there.

#CMYogiAditynath #vrindavan

#CMYogiAditynath Stop trying to see #Vrindavan riding on your special #helicopters 🚁 and getting special darshans

#नरेंद्रमोदी #वृंदावन #मथुरा #Pmoindia

आज ७ जुलाई २०१९, वृंदावन में सूचना मिली की #CMYogiAditynath वृंदावन में पधार रहे हैं।

मीटिंग है और बाँके बिहारी जी के दर्शन के लिए जाएँगे।

सम्पूर्ण city को बंद कर दिया! रिक्शॉ तक को अंदर घूमने की अनुमति नहीं है। कई घंटों तक सब रोड बंद रहेंगे।

#CMYogiAditynath अगर आप VIP roads से आएँगे जाएँगे, शहर आपके लिए ख़ाली कर दिया जाएगा, आपको कैसे अन्दाज़ होगा की समस्या क्या हैं?

सुधार कैसे करेंगे?

फ़ालतू के projects पर budget ख़र्च करके आप समझते हैं आपकी duty पूरी हो गई?

शहर और तीर्थ की जो असल समस्या है, वहीं की वहीं रह जाती हैं।

क्या आपने कभी सोचा है की आप आपके VIP troup के साथ निकल जाते हैं, किंतु आप अभी नहीं जान पाते हैं, सत्य क्या है?

आज किन हालात में है यह पवित्र भूमि, जो श्री राधा कृष्ण का निवास है, जहाँ हर क़दम पर कोई लीला भूमि है?

वृंदावन आज इतने बुरे आक्रमण से जूझ रहा है, आप को कैसे पता चलेगा, आप कभी समझ ही नहीं सकते!

आक्रमण लालच में अंधे इंसान का है, जो इस पवित्र भूमि को लूटने पर तुले हैं।

#CMYogi

Please come down to the level of the common bhakt and try to see what is ailing my #Vrindavan.

Stop trying to see Vrindavan riding on your special #helicopters 🚁

Walk on the streets to know how you can truly help this dying #teerth

श्रीनाथजी #ठाकुरजी प्रभु आपको सद् बुद्धि देने की कृपा करें 🙏

ShreeNathji mandir on Giriraj Govardhan

ShreeNathji Mandir darshan on Shri Giriraj Govardhan parvat

श्रीनाथजी प्रभु का प्राचीन मंदिर, गिरिराज गोवर्धन पर।महिमा सुनिए, दिव्य दर्शन कीजिए

 

इस दुर्लभ विडीओ में देखिए मंदिर के वे दर्शन:

⁃ उस खिड़की का दर्शन कीजिए जहाँ से श्री ठाकुरजी श्री गुसाँई जी को दर्शन देते थे, अपने मंदिर से चंद्र सरोवर पर जब श्री गुसाँई जी ने ६ महीने विप्रयोग का अनुभव करा; उनकी बैठकजी है यहाँ पर

⁃ उस खिड़की का जहाँ श्रीनाथजी मोहना भंगी को दर्शन देते थे

⁃ उस खिड़की का जहाँ से श्रीनाथजी व्रज वासी को दर्शन देते थे बिलछु कुंड पर; और बिलछु कुंड पर अपनी ही युगल स्वरूप लीला का अनुभव करते थे

⁃ शैया मंदिर में श्री महा प्रभुजी की १५वीं बैठकजी के दर्शन कीजिए

⁃ उस शैया मंदिर का दर्शन कीजिए जहाँ श्री महाप्रभुजी श्री नवनीत प्रियाजी के साथ शयन करते हैं

⁃ दर्शन कीजिए वह सुरंग का जो सीधी नाथद्वारा जाती है, जहाँ से कहते हैं श्रीनाथजी नाथद्वारा से श्री गोवर्धन आते जाते थे

🙏

जय श्रीनाथजी प्रभु

#ShreeNathjiBhakti, #Govardhan

ShreeNathji..Sadness as He ‘sees’ the outer dimensions

ShreeNathji -श्रीनाथजी की कृपा!

आँखों में अश्रु हैं..मन में आज प्रातःकाल से कुछ खलबली है!

(A post in Hindi)
कुछ भाव जो कविता के रूप में प्रस्तुत..
लम्बी हो गयी, पढ़ें ज़रूर 🙏

प्रभु का प्राकट्य हुआ १४०९ 1409 गिरिराज कंदरा से-
५२३८ 5238 वर्ष बीतने पर, श्री राधाश्री कृष्ण एक बार फिर पधारे श्रीनाथजी स्वरूप में।

क़रीब २६० वर्ष गिरिराजजी पर व्रज वासीन से दिव्य लीला खेल करने के पश्चात,
१६६९ 1669 में श्रीनाथजी उठ चले प्रिय गिरिराज से,
एक भक्त को दिया वचन पूर्ण करने पहुँचे सिंहाड (नाथद्वारा) १६७२ 1672 में।

२ वर्ष, ४ महीने, ७ दिन वे रथ में चले,
इतना भाव था श्रीनाथजी का, अपनी भक्त और सखी अजबा के लिए;

जैसे श्री गुसाँई जी ने भविष्यवाणी करी थी, १६७२ में अटक गया (रुका) श्रीनाथजी का रथ मेवाड़ के एक पिपर के नीचे,
गंगाबाई से श्रीजी ने संदेश पहुँचाया;
“यह, मेरी प्रिय भक्त अजब की जगह है, बनाओ मेरी हवेली यहीं पर;
रहूँगा कई अरसे तक यहाँ,पूरा होगा मेरी प्रिय अजबा को दिया वचन,
तुम सब भी अवस्था अपनी करो यहीं अग़ल बग़ल।

हवेली बनी शानदार, एक दिव्य गोलोक ठाकुर बालक के लायक,
सभी व्यवस्था और सेवा, शुरू हुई, श्री गुसाँई जी के बताए अनुसार।

इतिहास बताता है, आख़िरी संवाद हुआ गंगा बाई के साथ।
शुशुप्त हो गयी शक्ति फिर-
बाहरी लीला खेल पृथ्वी वासी से शायद पूर्ण हो गए, प्रभु भी कुछ काल को भीतर समा गए।
सैकड़ों वर्ष यूँ ही बीते और एक बार फिर वक़्त आया दिव्य बालक श्रीनाथजी प्रभु के जागने का,
और गोलोक में मची हलचल;
भेजा अंश पृथ्वी लोक को इस आदेश के साथ, ‘जाओ लीला पूर्ण हो ऐसे करो श्रीजी की मदद’

अंश ख़ुद को पहचाने, फिर प्रभु को जागता है, ‘चलो ठाकुरजी समय आ गया, वापस हमें चलना है,
जल्दी जल्दी लीला पूर्ण कर लो, गोलोक को प्रस्थान करना है।

नन्हें से बालक हमारे प्यारे प्रभु श्रीजी जागे जो वर्षों से हो गए थे गुप्त!
“अरे, कहाँ गए मेरे नंद बाबा, यशोदा मैया, मुझे यहाँ छोड़ व्रज वासी सखा हो गए कहाँ लुप्त”?

अंश ने विनम्रता से समझाया, हाथ जोड़ प्रभु को याद दिलाया, ‘श्रीजी बाबा, समय आ गया गोलोक वापस पधारना है,
पृथ्वी के जो कार्य अधूरे हैं, पूर्ण कर वापस हमें चले जाना है’।

किंतु, नन्हें ठाकुरजी बाहर आकर रह गए आश्चर्य चकित;
” मेरी हवेली इतनी शानदार होती थी, ये क्या हुआ,
इतनी टूटी फूटी कैसे हो गयी, कितना अपवित्र वातावरण है!
और यह कौन पृथ्वी वासी हैं जो मेरे उपर दुकानें लगा कर बैठे हैं,
क्या लोग भूल गए अंदर किसका वास है”

श्रीनाथजी प्रभु को समझने में कुछ वक़्त लग गया,
और अंश को बताना ही पड़ा,
‘प्रभु कुछ भाव में कमी आ गयी है, इन्हें माफ़ कर दीजिए,
सूझ बूझ हर इंसान की लालच के कारण कम हो गयी है,
उन्हें उनके कर्मों पर छोड़ दीजिए;
हमें कई कार्य पूरे करने हैं उसमें आप हमारा मार्गदर्शन कीजिए’.

‘गिरिराज गोवर्धन कर रहा है आपका इंतज़ार,
लीला के शुशुप्त अंश सर झुकाए आपके दर्शन को तरस रहे हैं इतने साल;
श्रीजी, शुरू करो प्रस्थान,
ऐसा हमें तरीक़ा सुझाएँ किसी का ना हो नुक़सान’;

श्रीजी पहुँचे गिरिराज जी पर,
किंतु यह क्या!
“यहाँ भी यही हालात हैं, गोवर्धन को भी नहीं छोड़ा
इन पृथ्वी वासी ने मेरे गिरिराज को भी क़ब्ज़ा कर इतना अपवित्र कर दिया;
चलो, मेरे गोलोक अंश चलो, मैं तुम्हें बताता हूँ,
मुझे भी अब जल्द से जल्द पृथ्वी से प्रस्थान करना है,
व्रज वासी हो, या फिर नाथद्वारा वासी;
लालच ने आँख पे पर्दा डाल दिया है,
जब पवित्रता ही नहीं भाव में, यहाँ अब मेरी ज़रूरत नहीं;
इन्हें रुपया बटोरने दो
मुझे यहाँ से मुक्त कर मेरे गोलोक वापस ले चलो”।

🙏 आभा शाहरा श्यामा
श्रीजी प्रभु की सेवा में, हमेशा

श्रीनाथजी को ६०९ (609) वर्ष बीत गए,
श्रीनाथजी बाबा हम पृथ्वी वासी पर कृपा करे हुए हैं!

ShreeNathji ‘Appeared’ from Shri govardhan with ShreeRadhaKrishn merged within Him

#ShreeNathjiBhakti
http://www.shreenathjibhakti.org

The Holy Cow-Vedic Gaumata

Wholesome cow milk converted to slow acting poison..?

गाय के दूध को ज़हर बना दिया..!

हमारे देवताओं ने, पूर्खों ने गाय को माता का दर्जा दिया, उसे पूजा; और जिसका दूध अम्रत समझ कर आरोगा,
कलियुग के प्रभाव ने उसी माता को आम पशु बना दिया। उस जीवन दायी गौ माता को ज़हरीले रासायन देकर उसके अम्रत समान दूध की मिलावट कर ज़हर बना दिया और हमें कहा की दूध मनुष्य का भोजन नहीं है!
कुछ इंसान का लालच कारण हुआ, की जीवन देने वाले दूध को धीमा ज़हर बना कर उसके उच्च दर्जे से नीचे गिरा दिया। 😥
क्या हमारे हज़ारों साल पहले के ऋषि मुनि बेवक़ूफ़ थे? या फिर सभी देवता जन ना समझ?

That cow, who our God’s worshipped and our ancestors gave the prefix of a mother, whose milk was thought to be an Amrit like food which we all drank and stayed healthy and fit with;
Negativity of kalyug brought this gau mata down to the category of a common animal,
The so called ‘Intelligent people’ mixed it with various poisons by feeding chemicals to mother cow thus converting the amrit like milk to slow acting poison and telling us all that milk is bad for humans!
Greed of the few highly placed humans spoilt the Indian breed of cows and then nutritionists and doctors world over, began the chant of ‘Milk is not for humans’.
Where is the logic in this statement?

Were all the Indian rishi muni, Ayurvedic practitioners 5000-6000 years ago fools??

ShreeNathji and Shree Krishn are called ‘Gopal’, meaning the keeper of cows!

#ShreeNathjiBhakti http://www.shreenathjibhakti.org

Photo(Shree Krishn doing pujan of Gau mata).

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ShreeNathji kripa 🙏

This life is a journey of many past lifetimes.

The soul which is blinded in maya can become pure with kripa of ShreeNathji.

When purity levels become high and deep, the jeevatma is able to recognise its reality.

Kripa and blessings enter when one keeps faith high, no matter what!

Jai ho!

Jai Shree RadhaKrishn  Jai ShreeNathji Prabhu

🙏

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#Shreenathjibhakti

Do not create picnic spots at Vrindavan

श्री राधा कृष्ण श्रीनाथजी की पवित्र लीला भूमि, व्रज मंडल को टुरिस्ट स्पॉट बना कर और नष्ट मत करीए 🙏

#CMOyogi आपसे निवेदन है सभी व्रज प्रेमियों का, पहले संरक्षण (preservation) और मरम्मत (restoration) के लिए funds दीजिए। नए विकास (development) की यहाँ जगह और ज़रूरत इस समय नहीं है 🙏

– first step towards responsibility for Vraj Mandal is preservation and restoration of what is left.

(Several things are already beyond repair).

If nothing is done even today for preservation, Vraj will be in a crisis situation.

The point of no return😢

CM YOGI COMING TO VRINDAVAN TO INAUGURATE THE BIGGEST PARK IN INDIA😥 Our plea to this government who is spending multi crores to hide the sad state of Vraj.. ख़ुश होने की बात है? नहीं!!

The crores and crores they sign on papers need to be used for preservation first. If preserved there will be no need to create anything new. Vraj Mandal cannot be marked as a tourist spot.

It’s excellent that the present government is giving any thought to re development of Vraj.

Sadly this re development will not work till preservation and restoration is given priority.

One just has to take a walk on Vrindavan Parikrama marg to see the degradation of this pavitra Dham.

– We first need to vacate the encroachment on the marg and make a walkway at Shri Yamunaji. From where bhakts can access the pavitr leela sthals of Shree RadhaKrishn.

– Removing the monkey menace is the second step in taking care of our pavitr Dham. All peacocks are being driven away by this menace and bhakts walk in fear.

– Pigs have entered every sacred sthal, including at Shri Govardhan. Which need to be removed ASAP. Five years ago none were there.

Someone is trying to destroy the pavitrata of Hindu teerths.

– Entire Chatikara pavements have already been taken over by the illegal hawkers.

– The Nagar Palika and Police force should become accountable.

The people in power never see the REAL VRAJ PROBLEMS. As every thing is cleared and cleaned at the areas where they visit.

In olden days the Raja and Maharajas walked around their cities in disguise to SEE THE REAL STATE OF THEIR LAND.

Wonder what Vraj Mandal we are leaving for our children and grandchildren.

They will only be able to see the original reality in some photos or videos which bhakts may have uploaded.

And Girirajji Govardhan is in the worst of state today.

All just TAKE..TAKE..TAKE.

May the present government see the truth of their actions.

The crores and crores they sign on papers need to be used for preservation and restoration first. If preserved there will be no need to create anything new.

The old and ancient pavitrata if returned to Vraj Mandal will be enough for the higher divine shaktis.

OR ELSE THESE SHAKTIS WILL NO LONGER BE AROUND.

दिव्य शक्तियों को साफ़, सुथरा पवित्र वातावरण चाहिए.

नहीं तो वह दिन दूर नहीं, की वे सब भूतल में गहरी उतर जाएँगी और हम हाथ मलते रह जाएँगे, अपने दुर्भाग्य पर। हमारे बच्चों को दर्शन का लाभ नहीं मिल पाएगा, और हम सब इसके ज़िम्मेदार होंगे।

जय श्रीनाथजी, जय श्री राधा कृष्ण

कृपा करें, सदबुद्धि दें,

आभा शाहरा श्यामा

#vrajmandal #cmyogi # savevraj #savegovardhan #saveyamuna #utterpradeshgoverment #adityanathyogi #primeministeroffice #savevrindavan #pmoindia #cmoyogi

Vraj Mandal belong to Shree RadhaKrishn-ShreeNathji, and we are doing our best to destroy Their divine land

Stop using leather if you are a Vaishnav

For all Vaishnavs, “Do you do seva of Shree Thakurjee  and  Gaumata”

Then stop using leather

सभी वैष्णव के लिए; “श्री ठाकुरजी और गौमता की सेवा और पूजन करते हैं?”

चमड़ा इस्तेमाल करना बंद कीजिए

The Indian Vedic Cow, known as gaumata is the original Cow about which is spoken in all our scriptures.

Hinduism has no place for cruelty to animals and eating of corpses. Humanity does not propagate farming of animals for human consumption.

Our environment needs to be purified; as well as our human body, to enable any rise in consciousness within ourself or on Earth vibration level.

गौमता

सभी वैष्णव के लिए; “गौमता की सेवा और पूजन करते हैं?”

श्रीनाथजी हवेली नाथद्वारा के बाहर लिखा रहता है;

चमड़ा पहन कर भीतर नहीं जायें

कभी सोचा है क्यों?Abha Shahra

ShreeNathji Haveli at Nathdwara

ShreeNathji Haveli main entrance at Nathdwara – where it is written; to remove leather belts before entering the premises

चमड़ा किसी मरे हुए जानवर की खाल है। ठाकुरजी के शुद्धि नियम अनुसार इससे अशुद्धि होती है।

हमारा शरीर जब मरे हुए जानवर की खाल पहनता है या उपयोग में लेता है, तो अशुद्धि में होता है।

दूसरी सच्चाई यह है की अधिकतम चमड़ा गौमाता से बनाया हुआ होता है।

हम अगर वैष्णव हिंदू हैं तो ज़रूर गाय की सेवा और पूजा करते हैं।

फिर हम उसी मरी हुई गाय की वस्तु का इस्तेमाल करते हैं।

गौ की सेवा, श्रीनाथजी की सेवा, श्री राधा कृष्ण की सेवा, पूजा करते हैं, और दूसरी तरफ़, उन्ही की गौमता (या अन्य जानवर) को मारकर बनाई हुई वस्तु का इस्तेमाल भी करते हैं?

यह सच्चाई हमारे धर्म और भक्ति से जुडी है.

दूसरी सच्चाई, अगर इंसानियत के अनुसार देखें; की किस तरह से गौमता (या कोई भी जानवर) को तड़पाकर यह चमड़ा निकालते हैं, तो आपकी आत्मा भी काँप जाएगी.

जितनी कोमल गाय का बछड़ा, उतनी क़ीमती उसकी खाल होती है.Abha Shahra

Young calves are used to make the most expensive leather products

Young calves are used for making the most expensive leather products

आप चाहें तोयूटूब (U Tube)’ पर गाय से उसकी खाल निकलना और उससे वस्तु कैसे बनती है; उसका प्रॉसेस देख सकते हैं।

(लिंक देने की ज़रूरत नहीं समझती हूँ, क्योंकि बहुत आसानी से आप ढूँढ सकते हैं)

१४ साल पहले जब सत्य मैंने समझा, तभी से चमड़े की बनी वस्तुएं का इस्तेमाल बंद कर दिया है. इसके पहले मुझे भी बहुत शौक था चमड़े के डिज़ाइनर बैग और जूते चप्पल पहनने का.

आज बाजार में अच्छी क्वालिटी चमड़ा रहित चप्पल, जूते, पर्स, वॉलेट, बेल्ट, सोफ़ा, कुर्सी आदि मिलने लगे हैं.

चमड़े का इस्तेमाल बंद करके हम चाहें तो अपने जीवन में शुद्धि बढ़ा सकते हैं.

जब शारीरिक शुद्धि बढ़ेगी तो भाव शुद्धि में भी बढौती होगी.

भाव शुद्धि जितनी बढ़ेगी, हम उतना ज्यादा ठाकुरजी के करीब अपने आपको पाएंगे.untitled-11-2

हम इतने अंधकार में कैसे जी सकते हैं?

जय हो प्रभु किहमें सदबुद्धि मिले

ठाकुरजी, श्रीनाथजी बाबा की जय हो!

(अगर आप इस बात से सहमत हैं, तो कृपया पोस्ट को शेयर करिये.

मेरा अनुभव है की ज्यादातर लोग बहुत बार बिना सोचे समझे कुछ करते रहते हैं; जैसे की चमड़े का इस्तेमाल करना.

बहुत से लोग इस्तेमाल कर रहे है क्योंकि सच्चाई को कभी ध्यान नहीं दिया.

इन वैष्णव की आँख खुलने के बाद शायद चमड़ा इस्तेमाल बंद कर दें. उनकी मदद करिये).

धन्यवाद आप सभी को, जय श्रीकृष्ण!

(किसी ने कामेंट्स में पूछा की मैंने सिर्फ़ गौमता क्यों लिखा, सभी जानवर की खाल से वस्तु बनती है, उसका जवाब मेरी समझ में:

इस पोस्ट में दो बातें हैं.

पहली, की जो माँसाहारी हैं, उनका भोजन ही जानवर से बनता है, इसलिए वे ऊपर से शरीर पर कुछ भी पहने, एक ही बात है.

तो अगर मैं उनसे कहूँ की आप चमड़ा नहीं पहनिए, तो ना इंसाफ़ी होगी, क्योंकि जो भोजन वे करते है, उसे पहनने में कुछ ग़लत नहीं है.

सभी जानवर की खाल से चमड़ा बनता है, क्रूरता से, लेकिन माँसाहारी भोजन भी इतनी ही क्रूरता से बनता है;

तो जब तक आप शाकाहारी नहीं होते, कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, की आप क्या पहनते हैं; और मैंने यह पोस्ट माँसाहारी इंसान को शाकाहारी बनानेके लिए नहीं लिखी.

दूसरी बात, जो भक्ति मार्ग से जुड़े हैं, वे वैष्णव कहलाते हैं, ठाकुरजी की सेवा करते हैं, और भक्ति में सात्त्विक भोजन ज़रूरी होता है. तो इन भक्तों को माँसाहारी नहीं होना चाहिए.

और अगर आप माँसाहारी नहीं हैं तो फिर चमड़ा मत पहनिए; इस पोस्ट का मेसिज यह है.

ठाकुरजी श्रीनाथजी, श्री राधा कृष्ण की सेवा और पूजन में गौ ज़रूरी है.

7-17

इसलिए उन भक्तों की आँख खोलने के लिए लिखा है,

अगर आप शाकाहारी हैं, भक्ति में हैं, तो चमड़ा शरीर पर धारण मत कीजिए.

बाक़ी सभी जानवर को क्रूरता से बचाना ज़रूरी है, वह कोई और पोस्ट में लिखूँगी)

धन्यवाद. 🙏

#gaumata #abhashahra #stopleatheruse #crueltytoanimals #shreenathjihaveli #deadanimals #peta #cowleather #hinduism #eatingcorpse #vediccow